दलित के घर भोजन नहीं करने वाला उमा का फैसला क्या शिवराज को भारी पड़ेगा?

भोपाल 2 मईः छतरपुर के नौगांव क्षेत्र के ददरी गांव मे संत रविदास मंदिर मे प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम मे उमा भारती ने समरसता भोज मे शामिल होने से इंकार कर दिया। उमा के इस फैसले ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सामने मुश्किले खड़ी करने की संभावना को जन्म दे दिया है। उमा भारती ने ऐसा क्यो किया इसको लेकर चर्चा है।

आपको बता दे कि मप्र मे इस साल चुनाव होना है। चुनाव को लेकर जीत की रणनीति बनाने मे जुटे शिवराज सिंह साधु सन्त से लेकर हर वर्ग को खुश करने की तैयारी मे लगे हैं।

शिवराज सिंह की कोशिश है कि जीत का परचम लहराया जा सके। इसके लिये वो किसी प्रकार का रिस्क नहीं ले रहे। इस बीच उमा भारती ने कल समरसता भोज मे शामिल होने से इन्कार कर दिया।

उमा भारती ने टिवटर पर लिखा कि आप लोग मेरे घर दिल्ली आएं। यहां हमारा परिवार आपके लिये भोजन बनायेगा और आपकी झूठी थाली उठायेगे।

उन्हांेने कहा कि हम लोग राम नहीं है, जो दलित के घर भोजन करने से पवित्र हो जाएंगे। उमा भारती के इस बयान से दलित समुदाय मे नाराजगी देखी जा रही है।

दलित नेताओ  का मानना है कि उमा भारती ने सीधे तौर पर अपमान करने की कोशिश की है। वो हा और ना के बीच अपने बयान को झुला रही है।

राजनैतिक जानकार मान रहे है कि उमा का यह कदम शिवराज के लिये मुश्किले पैदा कर सकता है। दलित को अपने पाले मे करने की शिवराज की कोशिश मे उमा का बयान उन्हे कितनी और मेहनत करायेगा, यह आने वाले समय मे पता चलेगा।

 

 

 

 

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