नई दिल्ली: ईडी ने 2022 में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर में घोटाला करने के मामले में दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और दिल्ली जल बोर्ड के तीन पूर्व अफसरों समेत 14 आरोपियों के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया है. सत्येंद्र जैन 2022 में दिल्ली सरकार के जल मंत्री थे.
ईडी की चार्जशीट के मुताबिक सत्येंद्र जैन के जल मंत्री रहने के दौरान 1943 करोड़ के टेंडर जारी किए गए थे. ईडी ने सत्येंद्र जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के जिन पूर्व अफसरों को आरोपी बनाया है, उनमें दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सदस्य अजय गुप्ता और दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व चीफ इंजीनियर सतीश चंद्र वशिष्ठ शामिल हैं.
सत्येंद्र जैन पर मनी लाउंड्रिंग का ये तीसरा मामला है. एक मामले में जैन पर आरोप है कि उन्होंने 2009-10 और 2010-11 में फर्जी कंपनियां बनाई. इन कंपनियों में अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडो मेटल इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रयास इंफो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं.
इस मामले में ईडी ने सत्येंद्र जैन के अलावा जिन्हें आरोपी बनाया है उनमें उनकी पत्नी पूनम जैन, अजीत प्रसाद जैन, सुनील कुमार जैन, वैभव जैन, अंकुश जैन, मेसर्स अकिंचन डेवलपर्स प्राईवेट लिमिटेड, मेसर्स प्रयास इंफो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और जेजे आइडियल इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है. ईडी ने सत्येंद्र जैन को 30 मई 2022 में गिरफ्तार किया था. इस मामले में सत्येंद्र जैन को 18 अक्टूबर 2024 को जमानत मिली थी.
