कासगंज 28 जनवरीः पिछले तीन दिन से जारी हिंसा के पीछे के कारण की तलाश मे जुटी सरकार से पहले पुलिस ने इसमे राजनैतिक साजिश का शक जाहिर किया है।
एसपी सुनील सिंह ने कहा कि उन्हे हिंसा मे राजनैतिक साजिश का शक है। सिंह ने कहा कि यह हिंसा किसी के इशारे पर की जा रही है।
एसपी इस बयान के बाद राजनैतिक खेमे मे हड़कंप की स्थिति है। आपको बता दे कि हिंसा को लेकर राजनैतिक गोटियां सेंकने का काम शुरू हो गया है। आज रविवार को भी हिंसा का असर देखने को मिला।
गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा के दौरान दो गुटों में हुई झड़प के बाद अब भी इलाके में तनाव बना हुआ है. पूरे शहर में धारा 144 लागू करने के साथ ही कई इलाकों और नेटवर्क की इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई हैं. हालांकि हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है.
अब तक 50 गिरफ्तार, एटा DM ने बताया साजिश
मौके का जायजा लेने पहुंचे एटा के DM आरपी सिंह ने बताया कि अब तक हिंसा फैलाने के आरोप में नामजद 9 लोगों सहित अब तक कुल 50 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. आरपी सिंह ने कहा कि इन सबके पीछे कुछ लोग हैं, हमने उनमें से कुछ की पहचान कर ली है.
उन्होंने बताया कि रविवार को हुई हिंसा की किसी घटना में एक भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ है. उनका कहना है कि इस सबके पीछे साजिश हो सकती है, हालांकि मुझे इस बारे में नहीं मालूम है.
इससे पहले कर्फ्यू लगाने और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद शनिवार को भी कासगंज हिंसा की आग में जलता रहा. उपद्रवियों ने बसों और कई अन्य वाहनों में आग लगा दी थी.
हालात काबू में होने का दावा
दूसरी ओर एडीजी आनंद कुमार ने शनिवार को दावा किया था कि कासगंज में शुक्रवार के बाद कोई हिंसा नहीं हुई है. किसी के जान का कोई नुकसान नहीं हुआ है. उनका कहना था कि कुछ उपद्रवी तत्वों ने शनिवार को चंदन के दाह संस्कार के बाद एक बस में आग लगाने की कोशिश की. एक झोपड़ी जलाने की कोशिश की. लेकिन इसे कंट्रोल कर लिया गया है. उपद्रवी तत्वों की तरफ से अफवाह फैलाने की कोशिश हुई है. सोशल मीडिया में भी अफवाह फैलाने की कोशिश की गई है, लेकिन इसे सफलतापूर्वक रोका गया है.
हिंसा पर अखिलेश यादव का बयान
कासगंज की घटना पर उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा है कि गणतंत्र दिवस पर ऐसी घटना दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण है और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए. अखिलेश ने कहा कि सरकार को कासगंज में अमन चैन का माहौल कायम करना चाहिए.
