लखनउ 14 अप्रैलः यूपी एक बार फिर से शर्मशार हो गयी। उन्नाव रेप मामले मे पुलिस की लापरवाही की कहानी अभी पूरी नहीं हुयी कि गाजियाबाद मे एक नेत्रहीन लड़की के साथ रेप के मामले मे भी पुलिस ने लापरवाही दिखायी। केर्स दर्ज नहीं किया। जब मामला चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी तक पहुंचा, तब जाकर पुलिस की नींद टूटी।
बताते है कि गाजियाबाद के साहिबाबाद के लाजपत नगर इलाके मे रहने वाली लड़की के पिता की दस दिन पहले मौत हो गयी थी।
लड़की के पास पैसे नहीं थे, इसलिये मकान मालिक ने उसे निकाल दिया। शहर मे अजनबी बनी घूम रही इस नेत्रहीन लड़की से एक शख्स ने बलात्कार किया और भाग निकला। इस मामले मे सबसे ज्यादा संवेदनहीनता लोगो की भी दिखी। लड़की सड़क पर पड़ी रही, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।
अकेली और नेत्रहीन लड़की को देखकर इलाके के एक शख्स ने उसके साथ बलात्कार किया. इसके बाद लड़की को सड़क पर फेंक कर फरार हो गया. पीड़ित लड़की मोहन नगर के पास पार्श्वनाथ सोसाइटी में सड़क पर पड़ी रोती रही. लड़की को सबने देखा, लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की. वहीं पास में मोदी टी स्टाल के नाम से चाय की दुकान चलाने वाले सुभाष ने जब लड़की को देखा, तो वो उसकी मदद के लिए आगे आया.
सुभाष ने पुलिस और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को फोन किया. मगर पुलिस ने अपना लापरवाही भरा रवैया दिखाना शुरू कर दिया. लड़की को थाने ले जाया गया, मगर उसका बयान नहीं लिया गया. जनरल मेडिकल कराकर उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंप दिया गया. बीती शाम चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की काउंसलिंग में यह साफ हुआ कि लड़की के साथ बलात्कार हुआ था. तब जाकर पुलिस को रिपोर्ट भेजी गई और पुलिस ने FIR दर्ज की.
