वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई जी का जन्म दिवस हर्षशोउल्लास से मनाने के बाद बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के तत्वाधान में नेहरू चौक (इलाइट) पर 22 नवंबर को महारानी लक्ष्मी बाई जी की सहयोगी वीरांगना झलकारी बाई जी का जन्म दिवस शाम 6 से 8 बजे तक दीपदान कर मनाया गया।
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा अब प्रत्येक वर्ष महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मदिवस के बाद झलकारी बाई जी का जन्मदिवस हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया करेगा।
गद्दारी की दूल्हाजू व पीर अली ने और खोल दिया ओरछा गेट तो अंग्रेजी सेना ने किले के अंदर मार काट प्रारम्भ कर दी।
महारानी लक्ष्मीबाई को किले से निकलना इसलिए जरुरी था जिससे वे अन्य राजाओं से सहयोग जुटा सकें इसलिए झलकारी बाई ने अपने पुत्र को महारानी की भांति अपनी पीठ पर बांध कर अंग्रेजो को चकमा दिया एवं महारानी को घोड़े पर होकर सवार किले से कूद कर निकलने में सहयोग दिया एवं अपने प्राण गवा दिए, ऐसी वीरांगना थी हमारी महारानी की सहयोगी झलकारी बाई।
दीपदान करने वालो में प्रमुख रूप से भानूसहाय, एडवोकेट अशोक सक्सैना, रघुराज शर्मा, वरुण अग्रवाल, राम कुमार खरे, हनीफ खान, कुंवर बहादुर आदिम,गोलू ठाकुर,हमीदा अंजुम, प्रदीप नाथ झाँ, संतोष द्विवेदी, नरेश वर्मा, सत्येंद्र श्रीवास्तव,ब्रजेश राय, अनिल कश्यप, प्रेम सपेरा, शफीक मुन्ना, सी डी लिटौरिया, अरुण रायकवार, संतोष श्रृंगऋषि, दीपक यादव,रशीद कुरैशी, गोविन्द सोनकर, आदि
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई जी का जन्म दिवस मनाया
