मायावती के बाद पहली बार गठबंधन को लेकर क्या बोले अखिलेश यादव?

लखनउ 25 मार्चः सपा-बसपा की दोस्ती को लेकर उठ रही नकारात्मक खबर के बीच मायावती के बयान ने अखिलेश को आगे बोलने का मौका दे दिया। लगे हाथ अखिलेश यादव ने भी कह दिया कि बीजेपी को हराने की रणनीति उनके पास है।

आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सपा की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर पार्टी अध्यीक्ष ने कहा कि बूथ स्तणर पर मजबूत प्रबंधन करने के अलावा पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे गांव-गांव जाकर आम लोगों से संवाद स्थाअपित करें.

उन्होंाने कहा, ‘मैं खुद, हमारे नेता और हमारे कार्यकर्ता सभी जगह पहुंचेंगे. वे उन्हेंउ मेरे मुख्यंमंत्रित्वाकाल में शुरू कराए गए जनकल्या णकारी कार्यों की याद दिलाएंगे और मौजूदा बीजेपी सरकार की उससे तुलना करने को कहेंगे. बीजेपी ने अनेक वादे किए, लेकिन उनमें से एक को भी पूरा नहीं किया. लोगों में बीजेपी के प्रति गुस्साा है और उपचुनावों में वही नाराजगी सामने आ गई.’ अखिलेश ने दोहराया कि कन्नौगज से सांसद उनकी पत्नीम डिंपल यादव आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी क्योंयकि उनके खानदान पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगता है.

‘परिवारवाद का पालन कर रहे BJP नेता’
हालांकि उन्होंोने पलटवार करते हुए कहा, ‘राजनाथ सिंह, कल्यानण सिंह, रमन सिंह, शिवराज सिंह चौहान जैसे बीजेपी नेता परिवारवाद चला रहे हैं. उनके परिवार के लोग राजनीति में हैं. मेरी पत्नीव चुनाव नहीं लड़ेंगी. ऐसे में इन BJP नेताओं को भी उदाहरण पेश करना चाहिए. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, और केवल आरोप लगाते हैं, तो मैं भी अपना मन बदल सकता हूं.’ सपा अध्यकक्ष ने ‘ईद नहीं मनाने’ संबंधी मुख्यैमंत्री योगी आदित्यननाथ के हाल के बयान को असंवैधानिक करार दिया और आरोप लगाया कि बीजेपी साम्प्रादायिक भावनाएं भड़काती है.

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