झाबुआ, मध्य प्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झाबुआ में रोड शो किया। इस दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद रहे।*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “महर्षि दयानन्द ने अपने दौर में महिलाओं के अधिकारों और उनकी भागीदारी की बात की थी। नई नीतियों के जरिए, ईमानदार कोशिशों के जरिए देश आज अपनी बेटियों को आगे बढ़ा रहा है। कुछ महीने पहले ही देश ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास करके लोकसभा और विधानसभा में महिला आरक्षण सुनिश्चित किया है…”
झाबुआ, मध्य प्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा*, “झाबुआ जितना मध्य प्रदेश से जुड़ा है उतना ही गुजरात से भी जुड़ा है…झाबुआ और इस पूरे इलाके की गुजरात से केवल सीमा ही नहीं लगती बल्कि दोनों तरफ के लोगों के दिल भी मजबूती से जुड़े हुए हैं…गुजरात में रहते हुए मुझे यहां के जनजीवन से, यहां की परंपराओं से करीब से जुड़ने का अवसर मिला…”
चित्रकूट – बाइक सवार मां-बेटे को डंपर ने रौंदा, बेटे की मौके पर मौत, मां गंभीर घायल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, शिवरामपुर चौकी क्षेत्र की घटना.
मैनपुरी – आवारा सांड के हमले से किसान की मौत, खेत में रखवाली कर रहा था किसान, थाना किशनी के नगला बील की घटना .
संभल, उत्तर प्रदेश: निष्कासित कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, “…सवाल इस बात का है कि वो कांग्रेस जो महात्मा गांधी की कांग्रेस थी… आज उस कांग्रेस को किस रास्ते पर लाकर खड़ा किया गया है… क्या कांग्रेस में सिर्फ वो रह सकते हैं जो सनातन को मिटाने की बात करें?… मैं ये साफ कर देना चाहता हूं कि ‘राम और राष्ट्र’ पर समझौता नहीं किया जा सकता है। निष्कासन बहुत छोटी चीज है…”
संभल, उत्तर प्रदेश: निष्कासित कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, “…16-17 साल की उम्र में मैंने जो वचन राजीव गांधी को दिया था वो आज तक निभाया है और आज इस उम्र में एक संकल्प ले रहा हूं कि मैं आजीवन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा रहूंगा।”
संभल, उत्तर प्रदेश: निष्कासित कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, “सचिन पायलट का बहुत अपमान हुआ है लेकिन वे भगवान शिव की तरह जहर पिये जा रहे हैं। उसी तरह प्रियंका गांधी की भी बहुत तौहीन हो रही है… देश की आज़ादी के बाद किसी भी पदाधिकारी के सामने ऐसा नहीं लिखा गया, जो प्रियंका गांधी के सामने लिखा गया… उनके आगे लिखा गया प्रियंका गांधी, ‘बिना किसी पोर्टफोलियो के महासचिव'(General Secretary without any Portfolio)…सवाल इस बात का है कि ये जो अपमान किया जा रहा है ये किसके इशारे पर हो रहा है?…”
