झाँसी। पीएम मोदी ने झांसी में विभिन्न विकास परियोजनाओं की नींव रखी और अब एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश बहुत ही उद्वेलित और दुखी है। आप सभी की भावनाओं को मैं भली – भांती समझ पा रहा हूं। हमारे जवानों ने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी है। उनका ये बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
सुरक्षा बलों को आगे की कार्रवाई के लिए, समय क्या हो, स्थान क्या हो और स्वरूप कैसा हो, ये तय करने के लिए पूरी इजाजत दे दी गई है। पुलवामा हमले के गुनहगारों को उनके किये कि सजा जरूर मिलेगी। हमारा पड़ोसी देश ये भूल रहा है कि ये नई रीति और नई नीति वाला भारत है।
आतंकी संगठनों और उनके आकाओं ने जो हैवानियत दिखाई है, उसका पूरा हिसाब किया जाएगा। बदहाली के इस दौर में वो भारत पर इस तरह के हमले करके, पुलवामा जैसी तबाही मचाकर, हमें भी बदहाल करना चाहता है। लेकिन उसके इस मंसूबे का, देश के 130 करोड़ लोग, मिलकर जवाब देंगे, मुंहतोड़ जवाब देंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि थोड़ी देर पहले बुंदेलखंड और यूपी के विकास से जुड़े लगभग 20 हज़ार करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है।
इसमें सुरक्षा, रोजगार, रेल, बिजली-पानी, से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट हैं। अब बुंदेलखंड को देश की सुरक्षा और विकास का कॉरिडोर बनाने का अभियान शुरु हो चुका है। ये डिफेंस कॉरिडोर देश को सशक्त करने के साथ ही उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोज़गार के नए अवसर भी उपलब्ध कराने वाला है। मुझे बताया गया है कि लगभग 4 हज़ार करोड़ रुपए के समझौते हो भी चुके हैं। जब बड़े उद्योग लगते हैं तब उनके आसपास छोटे उद्योगों का भी विकास होता है, एक पूरा वातावरण तैयार होता है। झांसी और आसपास के क्षेत्रों में जो छोटे उद्योग हैं उनको इस कॉरिडोर से बहुत बड़ा लाभ होने वाला है। इस कॉरिडोर से यहां के लाखों युवाओं को सीधा रोजगार मिलेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि बुंदेलखंड में रहने वाले आप सभी लोगों को पानी के लिए कितना संघर्ष करना पड़ता रहा है, इसका मुझे ऐहसास है। आपको पानी की समस्या से मुक्ति दिलाने के प्रयास को आगे बढ़ाते हुए, आज 9 हजार करोड़ की पाइप-लाइन का शिलान्यास आज किया गया है।
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद बुंदेलखंड के हर जिले यानि झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट के करीब-करीब हर गांव को पीने का पानी मिलना और आसान हो जाएगा। यह पानी का पाइपलाइन नहीं बल्किर लाइफलाइन होगा। आज मैं यहां की माताओं और बहनों का कर्ज चुकाने आया हूं। मुझे उनका आशीर्वाद चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि बुंदेलखंड जैसा क्षेत्र भी औद्योगिक विकास का केंद्र बन सकता है। 2001 के भूकंप के बाद मुझे वहां भेजा गया। आज कच्छ जिला हिंदुस्तान के सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला जिला बन गया है। मैं आज कल्पना कर सकता हूं कि जैसा कच्छ बना है वैसा ही बुंदेलखंड भी बनेगा।
