नई दिल्ली 6 मईः सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले मे कहा कि यदि शादी के लायक उम्र नहीं है, तो वयस्क कपल लव इन रिलेशनशिप मे रह सकते हैं। कोर्ट ने लव इन रिलेशनशिप को वैध माना है।
कोर्ट ने साफ कर दिया है कि शादी के बाद भी वर वधू मे से कोई विवाह योग्य उम्र का नहीं है, तो इससे शादी मे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।वो लव इन रिलेशनशिप मे रह सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपनी पसंद का जीवन साथी चुनने के अधिकार को ना तो कोई कोर्ट कम कर सकता है ना ही कोई व्यक्ति, संस्था या फिर संगठन. अगर युवक विवाह के लिए तय उम्र यानी 21 साल का नहीं हुआ है तो भी वह अपनी पत्नी के साथ ‘लिव इन’ रह सकता है. ये वर- वधू पर निर्भर है कि वो विवाह योग्य अवस्था में आने पर विवाह करें या यूं ही साथ रहें.
बता दें कि कोर्ट के फैसलों के अलावा संसद ने भी घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 से महिलाओं के संरक्षण के प्रावधान तय कर दिए हैं. कोर्ट ने इसकी व्याख्या करते हुए कहा कि अदालत को मां की किसी भी तरह की भावना या पिता के अहंकार से प्रेरित एक सुपर अभिभावक की भूमिका नहीं निभानी चाहिए.
