लखनउ 18 फरवरीः सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर सीट पर सपा के प्रत्याशी के रूप मे निषाद जाति के व्यक्ति को मैदान मे उतार कर मास्टर स्टोक लगाया है। इससे सहयोगी कांग्रेस सहित सभी राजनैतिक दल भौंचक्के रह गये हैं।गोरखपुर लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने अपने पत्ते खोलते हुये इंजीनियर प्रवीण कुमार निषाद को प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

प्रवीण, निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे है और आज ही समाजवादी पार्टी का निषाद पार्टी से गठबंधन हुआ है। ऐसे में यह तो साफ हो गया कि सपा अकेले तो चुनाव नहीं लडना चाहती थी, लेकिन उसे कांग्रेस का हाथ पसंद नहीं था। इसीलिए कांग्रेस से गठबंधन का विकल्प मौजूद होने के बावजूद भी सपा ने निषाद पार्टी को तरजीह दी।
फिलहाल गोरखपुर में प्रवीण सपा-निषाद पार्टी के गठबंधन प्रत्याशी हैं और सपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लडेंगे। दरअसल इस पूरे गुणा-गणित के पीछे जातीय समीकरण की सियासत है। गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र में निषाद बिरादरी का वोट हार जीत का रास्ता तय करता है, उसका कारण इस बिरादरी का वोट बैंक है।
इस समय गोरखपुर में निषाद बिरादरी के लगभग 3.5 लाख वोट हैं और उसे अपने पाले में बटोरने के लिये सपा ने यह मास्टर स्ट्रोक चला है। पहले तो निषाद पार्टी के साथ गठबंधन का क्रम चला और फिर सपा ने गठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे प्रवीण के नाम का ऐलान कर दिया ।
