*झांसी ।* मदरसा अल जामियातुल राज्जाकिया सोसायटी आस्ताना-ए- सरकारे बांसा व अपिया हुजूर महाराज सिंह नगर पुलिया नंबर 9 झांसी द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ईद की 5 वीं तारीख को आस्ताना-ए- सरकारे बांसा अपिया हुजूर से जुड़े हुए सभी अकीदतमंदों ने सूफी मुहम्मद अफराज हुसैन सिद्दीकी कादरी रज्जाकी नियाज़ी के नेतृत्व में जिला बाराबंकी के अल-मजमा-उल रज़ज़ाकि आसताने-आलिया रज़्ज़ाकिया बाँसा शरीफ में सैकड़ों की तादात में पहुंचकर कुल शरीफ उर्स में शामिल हुए अकीदतमंदों ने चादरपोशी कर अमन चैन की दुआ मांगी। वही आस्ताना-ए- सरकारे बांसा अपिया हुजूर झांसी पर भी फातिहा व लंगर का एहतमाम किया गया ।
अल-मजमा-उल रज्ज़ाकि आसताने-आलिया रज़्ज़ाकिया बाँसा शरीफ में सज्जादा नसीन शाह मुहम्मद उमर अहमद जीलानी के जेरे निगरानी में अब्दुल रज़्ज़ाक़ बाँसवी का 310वां उर्स कुल शरीफ का आगाज सुबह फजर की नमाज के बाद कुरानख्वानी व फातिहा के साथ सरकार बाँसा लंगर हुआ।
अल-मजमा-उल रज़ज़ाकि आसताने-आलिया रज़्ज़ाकिया बाँसा शरीफ के सज्जादा मुहम्मद उमर अहमद जीलानी बताया कि सैय्यद शाह अब्दुल रज्जाक का विसाल ईद की पांच तारीख को बांसा में हुआ था। यहां पर उनकी मजार भी स्थित है। अकीदतमंद ने चादरपोशी कर अमनो चैन की दुआ मांगते हैं । उन्होंने बताया कि पांच दिनों तक चलने वाले इस उर्स की शुरूआत 1 अप्रैल को हो हुई थी । इस उर्स में अन्य जनपदों से बड़ी संख्या में पहुंचे अकीदतमंदों ने लोगों के साथ मिलकर अब्दुल रज्जाक बांसवी की दरगाह पर चादर और फूल पेश किए. साथ ही देश में अमन चैन की दुआ मांगी बाबा के उर्स में लंगर का भी इंतजाम किया गया। इस अवसर पर मौलाना वाजिद रजा अजहरी, मौलाना तौहीद आलम, सैय्यद बशारत अली, पार्षद जमील भूरे, नियाज महोबी, शहर काजी हाशिम मौलाना, कारी जमील, अब्दुल रहमान, रजिउर्रहमान सूफ़ी साबिर, जफर खान, मास्टर अलीम अहमद खाॅ, सोहराब, मुबारक अली खान, एहसान, मेहताब, फरहान, अरवाज, साहिद, संजय, राम सहाय, आसिफ , आरिफ खान, सुल्तान ,सादिक, नसीम, मुन्ना, अनीस, नसीम, सादिक, फैजल, शाहरूख खान, इमरान सहित अनेक ख़्वातीन मौजूद रही। निज़ामत कारी जमील ने की। आभार सूफी मुहम्मद अफराज हुसैन सिद्दीकी कादरी रज्जाकी नियाज़ी ने व्यक्त किया।