नई दिल्ली 24 अक्टूबर आंतरिक समस्या से जूझ रही सीबीआई के विवाद पर बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सीबीआई इस देश की प्रतिष्ठित संस्था है। इसकी साख बनाए रखने के लिए सरकार तत्पर है।
आपको बता दें कि बुधवार को है सीबीआई के 2 बड़े अधिकारियों को छुट्टी पर भेजे जाने की स्थिति के बाद केंद्र सरकार की ओर से बयान आया है ।न
वित्त मंत्री ने कहा कि इन दिनों सीबीआई में अजब के हालात हैं दो वरिष्ठ डायरेक्टर पर सवाल खड़े हो रहे हैं । डायरेक्टर ने अपने नीचे और दूसरे नंबर के अधिकारी पर आरोप लगाया है । सवाल यह है कि इसकी जांच कौन करेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है और ना ही सरकार इसकी जांच करेगी । अरुण जेटली ने कहा कि सरकार का दायित्व सिर्फ सुपरविजन करने का है।
उन्होंने कहा कि मंगलवार को सीवीसी ने बताया कि दोनों अधिकारी इन आरोपों की जांच नहीं कर सकते हैं । इसके बाद जब तक जांच नहीं होती इन अधिकारियों को उनके काम से मुक्त कर दिया गया है। इस जांच को अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को सौंपा गया है। जब तक एसआईटी की जांच पूरी नहीं हो जाती इन अधिकारियों को सीबीआई से अलग कर दिया गया है।
जेटली ने कहा कि यदि जांच में उनकी भूमिका भूमिका पर सवाल नहीं उठता है तो वह वापस अपने कार्य भार को लेंगे, उन्होंने कहा कि हम सीबीआई के अधिकारियों में किसी को दोषी नहीं मान रहे हैं।
कानून के मुताबिक जब तक जांच ना पूरी हो इसलिए अधिकारियों को बाहर किया गया है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए जरूरी था की जांच की अवधि तक अधिकारियों को सीबीआई से बाहर रखा जाए।
जेटली ने कहा कि सीबीआई के मामले में सरकार पर सवाल उठाना गलत है । सरकार की इस मामले में कोई भूमिका नहीं है और ना ही सरकार इसमें किसी भूमिका को निभाने की दिशा में अपना रुख देख रही है ।
उन्होंने कहा कि सीवीसी सुपरवाइजर री अथॉरिटी है और वह एसआईटी का गठन करेगी । जेटली ने बताया कि मंगलवार को सीवीसी की मीटिंग में जो बात उठी उसके बाद बुधवार को सरकार ने यह फैसला लिया लिहाजा सरकार की भूमिका पर सवाल उठाने का कोई औचित्य नहीं है।
फोटो-एएनआई से साभार
