अहमदाबाद 20 जून . जामनगर कोर्ट में बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट और उनके सहयोगी को हिरासत में मौत के मामले में दोषी करार दिया है. इस मामले में उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई गई है. आपको बता दें कि 1990 में जामनगर में भारत बंद के दौरान हिंसा हुई थी. संजीव भट्ट को समय जामनगर के एएसपी थे ।
इस दौरान 133 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था । 25 लोग घायल हुए थे और 8 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था
न्यायिक हिरासत में रहने के बाद एक आरोपी प्रभूदास माधव जी की मौत हो गई थी इस मामले में भट्ट और उनके सहयोगियों पर पुलिस हिरासत में मारपीट करने का आरोप लगा था ।।मामले में संजीव भट्ट व अन्य पुलिस वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन गुजरात सरकार ने मुकदमा चलाने की इजाजत नहीं दी।
सन 2011 में राज्य सरकार में भटके राइल की अनुमति दे दी थी हालांकि इस मामले में भट्ट में याचिका दायर की थी इसमें उन्होंने गवाहों की नए सिरे से जांच की मांग की थी। भट्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
