हृदय संबंधी बीमारियों में त्वरित उपचार से बचाई जा सकती है जान — सीएमओ

*हार्ट अटैक से होने वाली जनस्वास्थ्य की हानि को रोकने के लिए प्रशिक्षित किए गए चिकित्साकर्मी*

*हृदय रोग विभाग के विशेषज्ञों ने दिया प्रथम संदर्भन इकाई के चिकित्सकों को प्रशिक्षण*

*हृदय संबंधी बीमारियों में त्वरित उपचार से बचाई जा सकती है जान — सीएमओ*

*अटैक आने के बाद अधिक क्षतिग्रस्त होने से थ्रोंबोलाइज द्वारा बचाव किया जा सकता है — डॉ कुलदीप चंदेल*

*झांसी, ललितपुर, जालौन एवं महोबा के चिकित्सक हुए प्रशिक्षित*

*झांसी दिनांक 6 दिसंबर 2025*

स्टेमी बीमारियों से होने वाली जन स्वास्थ्य की हानि को रोकने तथा इससे ग्रसित व्यक्ति को तत्काल उपचार दिए जाने के संबंध में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विभाग द्वारा प्रथम संदर्भन इकाई सीएचसी में कार्यरत चिकित्सकों, स्टाफ नर्स व पैरामेडिकल कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी डॉ सुधाकर पांडेय एवं प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ सुधीर कुमार द्वारा की गई। प्रशिक्षण में मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ कुलदीप चंदेल और हृदय रोग विभाग की टीम द्वारा बुंदेलखंड के चार जनपद ललितपुर, झांसी, जालौन एवं महोबा में स्थापित प्रथम संदर्भन इकाई सीएचसी में कार्यरत चिकित्सक, स्टाफ नर्स व पैरामेडिकल कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि हृदय संबंधी बीमारियों से होने वाली क्षति को कम करने तथा हार्ट अटैक के मामलों में उपचार से संबंधित प्रभावी देखभाल का व्यापक कवरेज प्रदान करने के लिए झांसी, ललितपुर, जालौन व महोबा जनपदों की प्रथम संदर्भन इकाई सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के चिकित्सक व कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है, इससे ग्रामीण क्षेत्र अथवा दूरस्थ क्षेत्र में यदि किसी को हार्ट अटैक आता है तो तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एफआरयू पर तैनात प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा मरीज की जान बचाई जा सके। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ कुलदीप चंदेल, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ आलोक शर्मा, डॉ राघव रंजन डॉ इमरान, डॉ उषा, डॉ अमरेश, डॉ प्रदीप त्रिपाठी की टीम द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
डॉ कुलदीप चंदेल ने बताया कि मरीज को हार्ट अटैक आने के बाद हृदय की कोशिकाओं को अधिक क्षतिग्रस्त होने से थ्रोंबोलाइज द्वारा बचाव किया जा सकता है और कई मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
प्रशिक्षण के पश्चात डिप्टी डीआईओ डॉ अंशुमान तिवारी ने सभी प्रशिक्षकों व प्रशिक्षणार्थियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में संयुक्त निदेशक झांसी मंडल डॉ आर के सोनी व डॉ जयप्रकाश, डॉ कमलेश यादव, टीएसयू से डॉ दीप ठक्कर, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ यू एन सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ रवि शंकर, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रमाकांत सोनी, डॉ अंशुमान तिवारी, पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ उत्सव राज, डीईआईसी मैनेजर डॉ रामबाबू सहित जनपद झांसी, ललितपुर, जालौन व महोबा के सीएचसी एफआरयू, जिला चिकित्सालय एवं नवीन मेडिकल कॉलेज से आए चिकित्सक, स्टाफ नर्स उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *