12 वर्ष से कोमा में बेटा, इच्छा मृत्यु पर मां -पिता से मिलेगा शीर्ष कोर्ट

नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट 12 वर्षों से अचेत अवस्था में पड़े 32 वर्षीय बेटे के लिए इच्छा मृत्यु ( पैसिव यूथिनिसिया ) मांग रहे माता-पिता से मिलकर बात करेगा| जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि अंतिम आदेश पारित करने से पहले वह युवक के माता-पिता से व्यक्तिगत रूप से बातचीत करना चाहेंगे|
एमस से गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर गौर करने के बाद पीठ ने यह निर्णय लिया | जस्टिस जेवी परडींवाला और जस्टिस के जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने 13 जनवरी को युवक के माता-पिता को उपस्थित रहने के निर्देश दिया है| रिपोर्ट देखने के बाद पीठ ने कहा इस तरह लंबे समय तक नहीं रखा जा सकता| यह आज का युवक के पिता ने दायर की है जिसमें बेटे से सभी जीवन रक्षक उपचार हटाने की अनुमति मांगी गई है | युवक 12 वर्ष पहले एक इमारत से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुआ था और तब से वह अचेत अवस्था में है | 2018 के संविधान पीठ के फैसले तथा जनवरी 2023 में उसमें किए गए संशोधन के अनुसार, पैसिव यूथिनिसिया की अनुमति देने से पहले प्राथमिक और द्वितीय मेडिकल बोर्ड की राय लेना अनिवार्य है | इसी के मध्य नजर पूर्व में गठित प्राथमिक मेडिकल बोर्ड ने बताया था कि युवक के स्वस्थ होने की संभावना नगण्य है |

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