राफेल सौदे को लेकर राज्यसभा में कैग की रिपोर्ट पेश, रिपोर्ट- ना

नई दिल्ली 13 फरवरी राज्यसभा में आज नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट पेश की गई । राफेल सौदे को लेकर 10 बड़े जानकारी दी गई हैं।

रिपोर्ट में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए के मुकाबले एनडीए सरकार ने 2.86 प्रतिशत सस्ती डील फाइनल की है।

कैग रिपोर्ट में कहा गया है कि 126 विमानों के सौदे के मुकाबले भारत 17.8 फीसद पैसों की बचत करने में कामयाब हुआ है।

इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पहले 18 राहुल भगवानों का डिलीवरी शेड्यूल पुराने 126 विमानों की डील से कहीं बेहतर है।

रिपोर्ट में 2007 और 2015 की मूल्य बोलियों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है।

सऊदी में हुई देरी की मुख्य वजह तकनीकी और मूल्य मूल्यांकन में आई दिक्कत है।
तकनीकी मूल्यांकन रिपोर्ट में निष्पक्षता तकनीकी मूल्यांकन प्रक्रिया की इक्विटी के बारे में नहीं बताया गया है।

केके ऑडिट में यह भी पाया गया कि आईएएफ ने एयर स्टाफ क्वालिटट रिक्वायरमेंट को ठीक से परिभाषित नहीं किया।

खरीद प्रक्रिया के दौरान कई बार बदला भी गया है मार्च 2015 में रक्षा मंत्रालय की एक टीम ने 126 राफेल विमानों की खरीद का सौदा रद्द करने की सिफारिश की थी।

टीम ने कहा था कि द साल्ट की बोली महंगी थी और यूरोपियन एयरोनॉटिक्स डिफरेंस एंड स्पेस कंपनी पूरी तरह से आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं थी।

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