नई दिल्ली 22 अप्रैलः जम्मू के कठुआ मे हुये रेप कांड को लेकर विदेश के करीब 600 से अधिक शिक्षाविदो ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम लिखे खत मे उनकी चुप्पी पर सवाल उठाये हैं।
यह खत ऐसे समय आया है, जब सरकार ने बच्ची से रेप के मामले मे फांसी की सजा के कानून को मंजूरी दे दी है।
जम्मू के कठुआ मे बच्ची के साथ रेप की आज पुलिस ने भी पुष्टि कर दी। रिपोर्ट मे रेप होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने यह जानकारी दी है।
प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र में कहा गया है कि वे कठुआ, उन्नाव और उनके बाद की घटनाओं पर अपने गहरे गुस्से और पीड़ा का इजहार करना चाहते हैं.
पत्र में लिखा गया, ‘हमने देखा है कि देश में बने गंभीर हालत पर और सत्तारूढ़ों के हिंसा से जुड़ाव के निर्विवाद संबंधों को लेकर आपने लंबी चुप्पी साध रखी है.’
यह खत ऐसे दिन आया है जब कठुआ और सूरत में नाबालिग बच्चियों के बलात्कार और हत्या एवं उन्नाव में एक लड़की से बलात्कार को लेकर देशभर में आक्रोश के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 वर्ष और उससे कम उम्र की बच्चियों से बलात्कार के मामले में दोषी पाए जाने पर मृत्युदंड सहित कड़े दंड के प्रावधान वाले अध्यादेश को मंजूरी दी.
