विश्व मानक दिवस मनाने का लक्ष्य, जागरूकता लाना है
Dehradun.
विश्व मानक दिवस, प्रत्येक वर्ष 14 अक्टूबर को हम मनाते हैं, जिसमे विश्व भर के हजारों विशेषज्ञों के सहयोगात्मक प्रयासों को समर्थन देते हुए स्वैच्छिक तकनीकी समझौतों को अपनाते है एवं दुनिया के लिए साझा दृष्टिकोण विकसित करते है ।
इतिहास संकलन समिति द्वारा आयोजित संगोष्ठी में उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अनिल दीक्षित नें बताया कि, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) भारत का वैधानिक राष्ट्रीय मानक संस्थान है, जिसे वस्तुओं के मानकीकरण, और गुणवत्ता प्रमाणन के लिये “BIS अधिनियम, 2016 संसद नें पारित किया l BIS विभिन्न मानकों का , जैसे कि उत्पाद प्रमाणन (ISI मार्क), सोने और चाँदी के आभूषणों का हॉलमार्किंग,आदि का संचालन करता है, डॉ. दीक्षित नें अपने सम्बोधन में आव्हाहन किया कि सोने चांदी की खरीद में लोग हॉलमार्किंग को प्राथमिकता दे l
विश्व मानक दिवस के लिये वर्ष 2025 की थीम – “एक बेहतर विश्व के लिये साझा दृष्टि: सतत् विकास लक्ष्यों हेतु मानक” दी गयी है जो अंतर्राष्ट्रीय मानकों की उस भूमिका पर ज़ोर देती है जो संयुक्त राष्ट्र सतत् विकास लक्ष्यों (SDG) को प्राप्त करने के लिये वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देती है।
