*चीन के इस दांव से अमेरिका चारों खाने चित, भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले ट्रंप के मंत्री ने बदले सुर*
*अमेरिकी राष्ट्रपति के करीबी स्कॉट बेसेंट इससे पहले रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत और चीन दोनों को भला-बुरा सुना चुके हैं। अब अमेरिका के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं।*
*दबाव में आकर रूस से कम तेल खरीद रहा भारत? ट्रंप की नींद उड़ा देंगे पिछले महीने के आंकड़े*
* रूसी कच्चा तेल भारतीय रिफाइनरियों के लिए सबसे किफायती विकल्पों में बना रहेगा
* इसकी ग्रॉस प्रोडक्ट मार्जिन अन्य विकल्पों की तुलना में अब भी अधिक है
* अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है
* इसके बावजूद रूस अभी भी भारत के लिए कच्चे तेल का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है
*टैरिफ का जवाब जिनपिंग ने ‘REE’ से दिया, फिर घबराया अमेरिका और भारत से मांग समर्थन, नरम पड़े तीखे तेवर*
* टैरिफ तनाव को लेकर चीन द्वारा रेयर एर्थ एलिमेंट्स के निर्यात पर प्रतिबंध को लेकर अमेरिका ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है
* यूएस के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट कहा कि अमेरिका पूरे विश्व में शांति के प्रयास कर रहा है जबकि चीन आर्थिक युद्ध कर रहा है
* उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वाशिंगटन को भारत और अन्य सहयोगी देशों से समर्थन की उम्मीद है
*डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ वॉर छेड़कर मौजूदा वर्ल्ड ऑर्डर के ढांचे की नींव को हिला दिया है. अमेरिका को नफा के साथ ही इसका नुकसान भी उठाना पड़ रहा है.*
■ भारतीय उत्पादों पर मनमाने तरीके से 50 फीसद टैरिफ लगाने वाले अमेरिका की अक्ल धीरे-धीरे ठिकाने आ रही है.
■ टैरिफ वॉर छेड़ने वाले डोनाल्ड ट्रंप के देश की गर्दन जब फंसी तो उन्हें अब भारत की याद आई है. सिर्फ याद ही नहीं आई, बल्कि भारत से मदद उम्मीद भी जताई है.
■ टैरिफ वॉर से बात आगे निकल चुकी है. मामला रेयर अर्थ मिनरल्स या रेयर अर्थ मैटिरियल (Rare Earth Minerals or Rare Erth Materials) के एक्सपोर्ट तक पहुंच गया है.
■ रेयर अर्थ मिनरल्स पर चीन का आधिपत्य है. रेयर अर्थ मिनरल्स के बिना इलेक्ट्रिक व्हिकल (EV) से लेकर एयरक्राफ्ट तक का प्रोडक्शन बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है.
■ अब चीन ने भारत को रेयर अर्थ मिनरल्स एक्सपोर्ट करने के लिए एक शर्त रखी है. बीजिंग का कहना है कि भारत को जो रेयर अर्थ मिनरल्स निर्यात किया जाएगा, उसकी पहुंच अमेरिका तक नहीं होनी चाहिए.
■ चीन के सख्त रुख के बाद अमेरिका की अक्ल ठिकाने आ गई है. ट्रंप सरकार ने उम्मीद जताई है कि इस मामले में भारत उसकी मदद करेगा.
■ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों की वजह से भारत और अमेरिका के संबंधों में खटास आ गई थी। ट्रंप और उनके मंत्रियों ने रुसी तेल खरीद का हवाला देते हुए भारत पर कई तरह के बेतुके बयान दिए थे।
■ अमेरिका ने उस दौरान भारत के द्वारा रूस से तेल खरीद कर युक्रेन युद्ध में रूस कि मदद करने जैसे आरोप भी लगाए। लेकिन अब जब बात खुद पर बन आई तो अमेरिका के सुर फिर से बदलने लगे हैं।
■ अमेरिका ने दुर्लभ खनिज तत्वों के निर्यात पर चीन द्वारा लगाए गये बैन का विरोध करने के मुद्दे पर भारत को अपना सबसे बड़ा सहयोगी बताया है। साथ ही अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने इस मुद्दे पर चीन की आलोचना भी की है।
■ अमेरिकी विदेश मंत्री ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की सरकार पर आरोप लगाया है कि चीन ने ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक और रक्षा उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण चुम्बक बनाने में प्रयुक्त खनिजों पर नए निर्यात नियंत्रण के जरिये नुकसान पहुंचाने कि कोशिश कर रहा है। अपनी बात को आगे बढ़ते हुए बेसेन्ट ने कहा कि ये ‘चीन बनाम विश्व’ है।
■ रेयर अर्थ एलिमेंट में कुल 17 ऐसे तत्व होते हैं जिनके विशेष चुंबकीय और विद्युत गुण होते हैं. ये हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए बेहद जरूरी हैं. इनमें से सबसे अहम होते हैं रेयर अर्थ मैग्नेट, जिनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, मोबाइल फोन, सैन्य उपकरणों और सोलर पैनलों में होता है.
*भारत के पास रेयर अर्थ एलिमेंट के अच्छे खनिज स्रोत हैं. अनुमान है कि देश में लगभग 72.3 लाख टन रेयर अर्थ ऑक्साइड और 131.5 लाख टन मोनाजाइट मौजूद है. ये खनिज मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, झारखंड, गुजरात और महाराष्ट्र में पाए जाते हैं.*
