झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के ऑस्ट्रेलियाई मूल के वकील जॉन लैंग की 209 वीं जयंती मनाई गई

देहरादून,मसूरी स्थित जॉन लैंग की जर्जर पड़ी 161 साल पुरानी कब्र को राष्ट्रीय पुरातत्व महत्व का स्थान घोषित करने की मांग की गई।

देहरादून। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के वकील जॉन लैंग की 209 वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर मसूरी स्थित जॉन लैंग की जर्जर पड़ी 161 साल पुरानी कब्र को राष्ट्रीय पुरातत्व महत्व का स्थान घोषित करने की मांग भी की गई।
शनिवार को भारतीय इतिहास संकलन समिति के तत्वावधान में झाँसी की रानी के वकील जॉन लैंग की 209 वीं जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे स्वतंत्रता आंदोलन के समय अंग्रेजी हुकूमत से कानूनी जंग लड़ने में सदैव आगे रहे। उन्होंने अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। झांसी की रानी के दत्तक पुत्र को मान्यता न देकर उनका राज्य जब अंग्रेजों ने हड़पना चाहा तो बेरिस्टर जॉन लैंग ने अंग्रेजों को कानूनी चुनौती देते हुए उनकी कुटिल नीतियों का पर्दाफाश किया था। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता लॉ कालेज देहरादून के प्रोफेसर डा. अनिल दीक्षित ने जान लैंग के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर डा. दीक्षित की जॉन लैंग पर शीघ्र प्रकाशित होने वाली पुस्तक का कवर पेज भी रिलीज किया गया। कार्यक्रम में महासचिव सुनील तिवारी, कृष्णा राजभर, मनोज त्रिपाठी, सुधीर तिवारी, आशुतोष नौटीयाल, आदि मौजूद थे।

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