नई दिल्ली 27 मई गठबंधन की मुखिया बनने को आतुर बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर से विपक्षी दलों के नेताओं को सोचने के लिए मजबूर कर दिया है कि गठबंधन का मसौदा कैसे तैयार किया जाए मायावती ने साफ किया कि सम्मानजनक सूचना मिलने पर भाजपा अकेले ही चुनाव लड़ेगी
कैराना उपचुनाव को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हो पाई है मायावती ने साफ कहा कि उनकी गठबंधन को लेकर विभिन्न दलों से बातचीत चल रही है लेकिन अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी का आरएलडी को समर्थन मिलने से स्थिति स्पष्ट हो गई है लेकिन बसपा से गठबंधन पर पेंच फंसा हुआ है
मायावती ने कहा, ‘पार्टी किसी भी राज्य में व किसी भी चुनाव में, किसी भी पार्टी के साथ केवल ‘सम्मानजनक’ सीटें मिलने की स्थिति में ही कोई चुनावी गठबंधन या समझौता करेगी. अन्यथा फिर हमारी पार्टी अकेली ही चुनाव लड़ना ज्यादा बेहतर समझती है.’
