झाँसी। उत्तर प्रदेश में पूरे दिन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है मार्केट संवाद पॉलिथीन को लेकर बीते दिनों खबर प्रकाशित की थी। इसमें कहां गया था की झाँसी का सबसे बड़ा दुश्मन आज भी जिंदा है। अब सरकार ने इस दुश्मन को बैन कर दिया है , तो सवाल उठता है कि मेयर रामतीर्थ कितने दिनों तक जनता के साथ मिलकर इस जंग को लड़ेगे ? कुओकि पॉलीथिन पर बैन पहले भी लग चुका है औऱ वो वापस आ गयी।
सरकार की किसी भी निर्णय को जमीन पर उतारने के लिए स्थानीय स्तर पर संगठन और प्रशासन के लोग पूरे मन से प्रयास करें तो वह निर्यण फलीभूत हो जाता है। कुछ ऐसा ही पॉलीथिन पर प्रतिबंध को लेकर करने की जरूरत है।
इस मामले में नगर का प्रथम नागरिक होने के नाते महापौर रामतीर्थ सिंघल की जिम्मेदारी ज्यादा हो जाती है वह न केवल नगर के प्रथम नागरिक हैं बल्कि नगर निगम के मुखिया भी हैं । ऐसे में उनकी हर अपील जनता को प्रेरित करने के लिए काफी होगी।
आपको बता दें कि पूर्व में महापौर किरण वर्मा ने पॉलीथिन पर प्रतिबंध के लिए व्यापारिक और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर मुहिम चलाई थी , लेकिन पॉलिथीन कारोबार से जुड़े लोग उन संगठनों और मेयर के प्रयास पर भारी पड़े थे। नतीजा ये रहा था कि चंद दिनों बाद ही पॉलीथिन बाजार। पर कब्जा करने में कामयाब हो गयी थी।
अवधी दोबारा ऐसा होता है, तो सीधे तौर पर मेयर राम तीर्थ सिंगल के प्रयासों पर सवाल उठेगा क्योंकि उन्होंने बीते दिनों ही आम जनता से लेकर व्यापारिक संगठनों और व्यापारियों से पॉलिथीन के प्रयोग को ना करने के लिए संकल्प दिलाया था।
