उरई। कोर्ट के आदेश के बाद भी पल्स ग्रीन कंपनी की द्वारा पैसा वापस ना लिए जाने से नाराज निवेशकों ने आज टाउन हॉल से कलेक्टर तक अर्धनग्न होकर रैली निकाली। उन्होंने सांसद कार्यालय का घेराव किया। कलेक्टर परिसर में अंदर ना आने को को लेकर अभिकर्ता व पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस अधिकारियों के हस्तशिल्प से निवेशक शांत हुए।
बताया जाता है कि जिले के स्टेशन रोड पर पर्ल्स ग्रीन चिट फंट कंपनी का आफिस था। जिले के लगभग दो लाख निवेशक व 50 हजार अभिकर्ता हैं। 22 अगस्त को सेबी ने कंपनी को बंद कर दिया। ढाई वर्ष बीतने के बाद भी निवेशकों का एक भी रुपए नहीं लौटाया गया। बुधवार को आल इंडिया इनवेस्टर सेफ्टी आर्गनाइजेशन के तत्वावधान में जिले के सैकड़ों अभिकर्ता व निवेशक टाउन हाल पर एकत्रित हुए और यहां से अर्ध नग्न होकर कलक्ट्रेट तक रैली निकाली।
रैली शहीद भगत सिंह चौराहा, अंबेडकर चौराहा, जिलापरिषद होते हुए कलक्ट्रेट पहुंची। यहां पुलिस ने कलक्ट्रेट गेट के बाहर ही प्रदर्शनकारियों को रोक किया। इससे प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो उठे और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामे की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। इसके बाद उन्होंने सांसद कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान उन्होंन केन्द्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने प्रधान मंत्री को संबोधित ज्ञापन सांसद भानु वर्मा को दिया।
इसके साथ ही जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को भी ज्ञापन देकर भुगतान दिलाने व सुरक्षा की मांग की। इस अवसर पर प्रदेश संगठन मंत्री अमर सिंह जागिड़, सुरेंद्र सिंह चंदेल, हरप्रसाद कुशवाहा, अमर सिंह, सुरेश कुमार, मंगलदास, अरविंद्र राठौर, मिस्टर सिंह राजावत आदि लोग उपस्थित रहे।
