झांसी आज केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद भारती ललितपुर होते हुए मध्य प्रदेश दौरे के लिए निकल गई। पहले उनका झांसी आगमन का प्रोग्राम था। इस बारे में अखबारों में भी सूचना प्रकाशित हुई थी। अचानक वह झांसी की बजाय ललितपुर होते हुए मध्यप्रदेश के लिए कूच कर गई।
उमा भारती के इस तरह जाने को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, तो राजनीतिक गलियारे में चर्चा चढ़ गई है । कहा जा रहा है कि बुंदेलखंड राज निर्माण को लेकर गांधी उद्यान में चल रहे सत्याग्रह की गर्माहट ने शायद भारती को रूट बदलने पर मजबूर कर दिया?
आपको बता दें कि आज शनिवार की सुबह अखबारों में यह सूचना प्रकाशित हुई थी कि केंद्रीय मंत्री उमा भारती सर्किट हाउस में आने के बाद आगे की कार्यक्रम के लिए रवाना होगी इस बात को लेकर बीजेपी सहित सामाजिक संगठनों के लोग भी उनसे मिलने को आतुर थे।
दोपहर में लोगों को उस समय असर हुआ जब उन्हें पता चला कि दीदी तो ललितपुर में उतरने के बाद मध्य प्रदेश के लिए रवाना हो गई ललितपुर में उमा भारती ने राम मंदिर मुद्दे को लेकर मीडिया से बात भी की। उन्होंने कहा कि सोमनाथ की तर्ज पर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सभी पक्षों को मिलकर माहौल बनाना चाहिए।
अखिलेश यादव की अयोध्या में सेना तैनात किए जाने के बयान पर उन्होंने कहा कि वहां शांति है। कोई स्थिति गड़बड़ नहीं है।
आपको बता दें कि झांसी में पिछले 2 महीने से अधिक समय से बुंदेलखंड राज निर्माण को लेकर सत्याग्रह का आयोजन किया जा रहा है राज निर्माण के लिए 26 नवंबर को झांसी बंद भी बुलाया गया है ।सत्याग्रह घर पर बैठे लोग उमा भारती को लगातार निशाने पर लिए हुए हैं। वे उन्हें वादाखिलाफी और क्षेत्र की उपेक्षा के लिए दोषी बताते हैं।
बरहाल उमा भारती का झांसी से मध्य प्रदेश ना जाना चर्चा का विषय तो बना ही है साथ ही सवाल भी पैदा कर रहा है कि क्या उमा भारती बुंदेलखंड राज्य निर्माण को लेकर चल रहे आंदोलन से डर गई हैं? या किसी अन्य कारण से उन्होंने अपने रूट को परिवर्तित किया! इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि संभवत वह रात को झाँसी आए।
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