नई दिल्ली 25 मार्च कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले न्यूनतम इनकम गारंटी योजना का ऐलान कर राजनीतिक हलके में सनसनी तो फैला ही दी है। राहुल गांधी की इस योजना को राजनीतिक जानकार उनके चुनावी रणनीति से जोड़ कर देखने के साथ इसे अपने तरीके से आंकलन कर रहे हैं। माना जा रहा है कि राहुल गांधी की ये योजना लागू की जाती है तो इसका राजकोषीय घाटे पर असर भी पड़ेगा।
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अभी देश की जीडीपी 207 लाख करोड़ है इसके अलावा राजकोषीय घाटा 7 लाख करोड़ का है । ऐसे में राजकोषीय घाटा कुल जीडीपी का 3.4% है । राहुल गांधी की यह नई योजना से 3.6 लाख करोड़ के खर्च का अनुमान लगाया जा रहा है। राजकोषीय घाटे पर 1.7% अतिरिक्त सकता है ।
यानी योजना लागू हुई तो राजकोषीय घाटा बढ़कर 10.6 लाख करोड़ हो जाएगा।
योजना का एलान करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पिछले 5 सालों में देश की जनता को बहुत परेशानियां झेलनी पड़ी हैं। हमने फैसला किया और हम हिंदुस्तान के लोगों को न्याय देने जा रहे हैं ।
यह न्याय न्यूनतम आय गारंटी है । उन्होंने कहा कि ऐसी योजना दुनिया में कहीं नहीं है । अगर किसी की आमदनी ₹12000 से कम है तो हम उस व्यक्ति की आमदनी को ₹12000 तक पहुंचा देंगे
उन्होंने कहा कि हम लोगों को गरीबी से निकालना चाहते हैं। कांग्रेश गारंटी देती है कि वह देश में 20% सबसे गरीब परिवारों में से हर साल ₹72000 देगी। यह पैसा सीधा उनके बैंक खाते में डाला जाएगा । राहुल ने कहा कि अगर मोदी जी सबसे अमीर लोगों को पैसा दे सकते हैं , तो कांग्रेसी भी सबसे गरीब लोगों को पैसा देगी।
