नई दिल्ली 25 मई । सन 2014 का मोदी लहर वाला चुनाव हो या 2019 का राष्ट्रवाद से भरा भाजपा का चुनाव। दोनों ही चुनावी आंधियों में चट्टान की तरह खड़े रहने वाले इस शख्स को भाजपा और मोदी का तिलिस्म डिगा नहीं सका। यह शख्स दोनों ही चुनाव में जीत का परचम लहरा कर संसद पहुंचा है
देश में जब मोदी नाम की आंधी ईवीएम से निकल रहीं थी तो झारखंड के विजय हांसदा भी अपनी सीट पर मजबूती से डटे रहे और मोदी नाम की आंधी विजय हांसदा जैसे पेड़ को उखाड़ नहीं पाई।
36 वर्षीय विजय हांसदा ने यह कारनामा पहली बार नहीं किया, 2014 में भी देश में जब मोदी लहर चल रही थी तब भी इस शख्स ने अपने क्षेत्र में जीत हसिल की थी। उन्हें इस बार 507830 वोट मिले जबकि भाजपा के हेमलाल मुर्मू को 408635 वोट मिले उन्होंने अपनी संसदीय सीट तकरीबन 99 हजार वोटों से जीती है।
विजय हांसदा राजमहल लोकसभा के पूर्व कांग्रेसी सांसद व लोकप्रिय नेता थॉमस हांसदा के बेटे हैं राजनीति के क्षेत्र में युवा चेहरे में 2009 में कदम रखा था 36 साल की विजय मोदी लहर के बीच अनुभवी व राजनीति के धुरंधर हेमलाल को मात देने में सफल रहे थे।
