*राष्ट्र निर्माण में नारीशक्ति का विशेष योगदान: डॉ. संदीप*
गौ, गंगा, गायत्री एवं नारी सशक्तिकरण, नारी स्वलंबन, स्वरोजगार जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली संस्था संघर्ष सेवा समिति कार्यालय पर वार्ड नं 1 व 9 की सैकड़ों माताओं – बहनों ने एक सुर, एक मत से सदस्यता ग्रहण की, सर्वप्रथम समिति कार्यालय पर संघर्ष सेवा समिति संस्थापक डॉ. संदीप सरावगी ने वार्ड नं 1 व 9 की सैकड़ों माताओं – बहनों का स्वागत किया। स्वागत पश्चात सैकड़ों माताओं – बहनों ने एक सुर एक मत से संघर्ष सेवा समिति की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी ने कहा कि सनातन संस्कृति में माताओं – बहनों को सदैव देवी का दर्जा दिया गया। हमारे आदि – ग्रंथों में नारी के महत्त्व को मानते हुए यहाँ तक बताया गया है कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:” अर्थात जहाँ नारी की पूजा होती है, वहाँ देवता निवास करते है। देश की स्वतंत्रता से लेकर आज तक मातृशक्तियों का विशेष योगदान रहा है, आज के आधुनिक समय में महिला सशक्तिकरण एक विशेष चर्चा का विषय है। लेकिन विडम्बना तो देखिए नारी में इतनी शक्ति होने के बावजूद भी उसके सशक्तिकरण की अत्यंत आवश्यकता महसूस हो रही है। भारत में, महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सबसे पहले समाज में उनके अधिकारों और मूल्यों को मारने वाली उन सभी राक्षसी सोच को मारना जरुरी है नारी सशक्तिकरण का असली अर्थ तब समझ में आयेगा जब भारत में उन्हें अच्छी शिक्षा दी जाएगी और उन्हें इस काबिल बनाया जाएगा। कि वो हर क्षेत्र में स्वतंत्र होकर फैसले कर सकें। इस मौके पर संघर्ष सेवा समिति से सुशांत गेंडा, बसंत गुप्ता, राजू सेन, संदीप नामदेव, महेंद्र रायकवार, उदय कुशवाहा एवं महिला प्रकोष्ठ से महानगर उपाध्यक्ष मीना मसीह, महामंत्री हाजरा रब, मंत्री नीलू रायकवार, पूर्वी कश्यप सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
