ज्यादा फोन चलाने से होती हैं कई बीमारी, एंग्जायटी और एग्रेशन तो है आम, ज्यादा जानने पर उड़ेंगे होश*
फोन का यूज कुछ साल पहले तक केवल बातचीत करने के लिए किया जाता था, लेकिन जब से देश में इंटरनेट क्रांति हुई और स्मार्टफोन बजट प्राइस में आने लगे, तभी से इनका यूज बातचीत के साथ मनोरंजन के लिए भी होने लगा. बहुत से लोग तो ऐसे हैं, जो स्मार्टफोन को 14-14 घंटे तक यूज करते हैं.आपको बता दें कि स्मार्टफोन का ज्यादा यूज कई बार हानिकारक साबित हो सकता है. फोन से निकलने वाली ब्लू लाइट से आंख तो कमजोर होती ही है, साथ में एंग्जायटी और एग्रेशन जैसी कई गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं. अगर आप भी स्मार्टफोन का यूज ज्यादा कर रहे हैं तो आपको इस खबर को पूरा जरूर पढ़ना चाहिए.अगर कोई यूजर ज्यादा मोबाइल यूज करता है तो उसका किसी भी काम पर फोकस नहीं रह पाता. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मोबाइल पर बार-बार नोटिफिकेशन आने से यूजर्स नोटिफिकेशन को देखने के लिए स्मार्टफोन ऑन को करते रहते हैं. ऐसे में ज्यादा स्मार्टफोन यूज करने से आप किसी भी काम को एकाग्र होकर पूरा नहीं कर सकते.ज्यादा स्मार्टफोन यूज करने वाले यूजर्स में देखा गया है कि उन्हें एंग्जायटी और डिप्रेशन की अक्सर शिकायत रहती है. अगर आप भी ज्यादा स्मार्टफोन यूज कर रहे हैं तो आपको सावधान हो जाना चाहिए, क्योंकि एंग्जायटी और डिप्रेशन की पहचान करना काफी मुश्किल होता है.स्मार्टफोन को ज्यादा इस्तेमाल करने से आपके स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ सकता है. ऐसे में आप बात-बात पर लोगों पर गुस्सा करना शुरू कर देते हैं, जिस वजह से आपके लोगों के साथ व्यक्तिगत संबंध तो खराब होते ही हैं, साथ में आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो सकती है.
ज्यादा देर तक मोबाइल फोन चलाने से आंखों की रोशनी पर निगेटिव असर पड़ता है. इसकी वजह से ड्राई आइज की समस्या हो सकती है. आपकी यह आदत ग्लूकोमा के खतरे को भी बढ़ा सकता है, जो अंधेपन का कारण भी बन सकता है. स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट्स आंखों के लिए खतरनाक होती हैं.
▪️हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्मार्टफोन की आभासी दुनिया दिमाग को विचलित कर सकती है. यह दिमाग पर बुरा असर छोड़ सकती है. यह भ्रम की स्थिति भी पैदा कर सकता है. ऐसे बच्चे तो ज्यादा देर तक मोबाइल पर समय बिताते हैं, उनका फोकस पढ़ाई पर सही तरह नहीं बन पाता है.
▪️स्मार्टफोन पर वीडियो गेम और दूसरे ऐप का ज्यादा इस्तेमाल बच्चों में स्ट्रेस और डिप्रेशन बढ़ाने वाला हो सकता है. यह मेंटल हेल्थ को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है. लगातार फोन के इस्तेमाल से सिरदर्द और माइग्रेन का खतरा बढ़ा सकता है. इसलिए दिमाग को बेहतर रखने के लिए स्क्रीन टाइम को कम करना चाहिए.
▪️एक्सपर्ट्स मोबाइल फोन के खतरों से अलर्ट करते हैं. उनका कहा है कि इसका लंबे समय तक बुरा असर देखने को मिल सकता है. इसलिए रात में सोने जाने के करीब एक घंटे पहले स्क्रीन से बचना चाहिए. नोटिफिकेशन मैनेज करें, ताकि बार-बार फोन का इस्तेमाल न करना पड़े. इसके अलावा मोबाइल पर आई प्रोटेक्शन भी लगाएं, जिससे आंखों को इसके नुकसान से बचाया जा सके.
