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आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज का प्रथम समाधि दिवस मनाया गया

• आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज का प्रथम समाधि दिवस मनाया गया
• श्रावक-श्राविकाओं ने भक्तिभाव पूर्वक महापूजा में अर्घ समर्पित किए
• आचार्य श्री के जयकारों से गूंजे जिनालय
• आचार्य श्री ने मृत्यु को मातम नहीं महोत्सव बनाया: मुनि विलोकसागर

झांसी:- महानगर के कटरा मौहल्ला स्थित श्री अतिशयकारी पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन कटरा मन्दिर में ब्रह्मांड के देवता, संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागरजी महामुनिराज का प्रथम समाधि दिवस भक्तिभाव पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री विलोकसागर जी महाराज ने कहा कि भले ही आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनके द्वारा दी गई प्रेरणाएं, मार्गदर्शन, शिक्षाएं आज भी जीवन को सार्थक करने के लिए पर्याप्त हैं। आचार्य श्री का जीवन हमको सिखाता है कि परिस्थिति कितनी भी प्रतिकूल हो जाए लेकिन मनःस्थिति हमेशा मजबूत होना चाहिए। आचार्य श्री ने मृत्यु को मातम नहीं बल्कि महोत्सव बनाया। इस अवसर पर प्रातःकाल की बेला में श्रीजी का महामस्तकाभिषेक करने का सौभाग्य शरद जैन, शांतिधारा करने का सौभाग्य बाल ब्रह्मचारी संजय भैया एवं कमलेश जैन (रोहित गारमेंट्स) को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर जैन समाज की विभिन्न महिला मंडल द्वारा आचार्य श्री की महापूजन में भक्ति में भाव विभोर होकर अर्घ समर्पित किए। पूज्य मुनिसंघ के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य श्रीमति विनोद कुमारी – रमेश चंद्र जैन अछरौनी, श्रीमति श्वेता – नितिन जैन, श्रीमति दीप्ति नरेश जैन मल्लन को प्राप्त हुआ। श्रीमति सरोज जैन, स्वाति जैन, श्वेता जैन जैनम, इंद्रा जैन को शास्त्र भेंट का अवसर प्राप्त हुआ। इस अवसर पर इंजी. हुकुमचंद जैन, दिनेश जैन डीके, खुशाल जैन,अलंकार जैन, मनोज सिंघई, अरविंद कामरेड, विनोद जैन ठेकेदार, जितेन्द्र चौधरी, प्रदीप जैन चैनू, मुकेश वीडियो, देवव्रत जैन, श्रीमति सुधा सर्राफ, संगीता जैन, सविता जैन, कल्पना जैन, मंजू जैन, नेहा जैन, ममता जैन सहित सैंकड़ों श्रावक श्राविकाएं उपस्थित रहें।कार्यक्रम का संचालन पंचकल्याणक महोत्सव समिति के महामंत्री सौरभ जैन सर्वज्ञ एवं आभार अखिल जैन एवं अमित जैन ने व्यक्त किया।
वहीं सांयकाल की बेला में भगवान महावीर स्वामी के 2551वें निर्वाण महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में श्री पंच परमेष्ठी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता की परीक्षा श्री १००८ पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कटरा, झांसी में प.पू. मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज प.पू. मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज के सानिध्य एवं निर्देशन में सफलता पूर्वक संपन्न हुई। कुल 114 प्रतिभागियों ने परीक्षा में पूर्ण उत्साह एवं जोश के साथ भाग लिया। इस अवसर पर प्रतियोगिता संयोजक सिंघई नवीन बाबू जैन एवं श्री प्रमोद वैरायटी एवं परीक्षा निरीक्षक के रूप में रवींद्र जैन चिरगांव,अशोक जी नगरा,विकास जैन चिरगांव ने विशेष सहयोग प्रदान किया।

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