डरावनी यादों का ‘काल’ आपातकाल!
संदीप पौराणिक भोपाल, 25 जून | वक्त तो अपनी रफ्तार से आगे बढ़े जा रहा है, मगर अब से 41 वर्ष पहले की 25 जून की यादें आज भी डरा जाती हैं, क्योंकि ‘आपातकाल’ ने मेरा बचपन छीना है, जिसे कोई लौटा नहीं सकता। इसके साथ ही आपातकाल ने लड़ने की वह ताकत भी दी…
