तीर्थ लोग इस भाव से जाते कि जीवन में अबतक जो भूल-चुक हुई है, प्रभु उसे क्षमा करेंगे। रिपोर्ट:अनिल मौर्य
तीर्थ! आज से पन्द्रह बीस साल पहले तक गाँव को कोई व्यक्ति जब किसी तीर्थ-धाम पर जाता तो सारा गांव उसे श्रद्धा से देखता था। उनके वापस आने पर लोग उनसे श्रद्धापूर्वक मिलने जाते थे। व्यक्ति तीर्थ से प्रसाद खरीदता तो छोटी छोटी पुड़िया बना कर पूरे टोले में बांटा जाता था। लोग श्रद्धा पूर्वक…
