झांसी मे इस बचपन की कोई कीमत नहीं!
झांसीः यह मासूम है, लेकिन लत ऐसी लगी कि खौफनाक बन गये हैं। उन्हे जिन्दगी का ककहरा भी नहीं पता, शौक पूरा ना हो, किसी की भी जिन्दगी छीन ले। बेकसूर और बेपरवाह बचपन सड़क पर बेमतलब जी रहा है। क्या यह सब प्रायोजित है? क्या वाकई इन्हे ऐसी ही जिन्दगी जीने की आदत है?…
