इन्सानियत का जज्बा पैदा करता है रोजा
झाँसी- रमजान को आध्यात्मिक विकास और शारीरिक रूप से शुद्ध होने का महीना माना जाता है। इससे आप संयम और अनुशासन भी सीखते हैं। रोज़ेदार को झूठ बोलने, चुग़ली करने, गाली-गलौज करने, औरत को बुरी नज़र से देखने पर सख्त पाबंदी रहती है। पाक रमज़ान माह में फर्ज़ नमाजों का सवाब 70 गुना बढ़ जाता है। इस माह में…
