आज सीता नवमी, भई प्रगट कुमारी रिपोर्ट:अनिल मौर्य
आज सीता नवमी, भई प्रगट कुमारी बैसाख की चिलचिलाती दोपहर होने को आई पर आज भी लगता है महाराज जनक की मनोकामना पूरी नही होगी! खेत में हल चलाते महाराज ने ऊपर देखा, बादल दूर दूर तक नहीं दिख रहे थे, उन्होंने बैलों को ललकारा, बैल हल खींचने लगे। महारानी सुनयना पीछे पीछे, विदेहराज हल…
