होली पर्व एक महिला दिवस को समर्पित” मासिक गोष्ठी सम्पन्न हुई |
“होली पर्व एक महिला दिवस को समर्पित” मासिक गोष्ठी सम्पन्न हुई | वस्त्र रंग चुके बहुत अव तक, मन रंग सको तो अब होली है , प्रेम से गले मिल सको किसी से, तो समझो होली है । -राजा बुन्देला शास्त्री विश्व भारती साहित्य एवं संस्कृति शोध संस्थान के तत्वाधान में, शास्त्री भवन सीपरी बाजार…
