खामोशी तोड़ो, आगे आओ ! मई दिवस की अलख जगाओ!!
सरदार भगत सिंह कहते हैं,”इंक़लाब मानव जाति का एक अपरिहार्य अधिकार है । आज़ादी सभी का एक कभी न खत्म होने वाला जन्म सिध्द अधिकार है। श्रम/मेहनत समाज का वास्तविक निर्वाहक है।“ हम यह साफ़ कर देना चाहते हैं कि हमारी बात उन मज़दूरों के लिए नहीं है जो ग़ुलामी और ज़िल्लत भरी ज़िन्दगी जीने के आदी…
