झांसी का बाजार सुधारो कवायद मे कोई अव्वल नहीं आ सका!
झांसीः बेड़ियां हमने अपने हाथ मे स्वार्थ की इस कदर जकड़ रखी है, गुलाम होने की आदत से बाहर कैसे निकले? जीहां, यह सौ फीसद सच है कि झांसीराइट अपनी आदत के चलते अच्छा करने की दिशा मे आगे नहीं बढ़ पाते। यही कारण है कि स्मार्ट सिटी की कल्पना के पहले कदम मे बाजार…
