झांसी-कैसा महसूस कर रहे थे अपने ही स्कूल मे अतिथि बनकर रामतीर्थ सिंघल
झांसीः वक्त आपको कब, कहां और किस रूप मे प्रस्तुत करे, यह कोई नहीं जानता। यह बात महापौर रामतीर्थ सिंघल को एक समारोह मे देखने के बाद पूरी तरह चरितार्थ नजर आती है। जिस स्कूल मे वो आज मुख्य अतिथि बनकर गये, वो किसी और का नहीं, बल्कि उनका स्कूल है। इस स्कूल की वर्षों…
