सत्य, अहिंसा, न्याय और धर्म की रक्षा के लिए शहीद हो गए इमाम हुसैन
मुहर्रम (ग़मगीन पर्व) पर विशेष मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिये दिये सर्वश्रेष्ठ त्याग और बलिदान के जनक हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके साथियों को हम हिन्दुस्तानियों के हज़ारों सलाम। “ज़िल्लत की ज़िंदगी से इज़्ज़त की मौत बेहतर है।” हज़रत इमाम हुसैन। मोहर्रम एक एहतिजाज (सत्याग्रह) है, ज़ुल्म, अत्याचार, असत्य, अहंकार, शोषण, अन्याय, मानवीय…
