हठ करके ना चढ, तीखे बोल के ना चढ़, भाजपा ने उल्टी कर दी बोलो-ता..र..रा!
झांसीः अपनो से लगी आग, वर्ना हमने तो महल को जंगल मे बनाया था। कुछ ऐसा ही भाजपा के साथ हो रहा है। पहले राउंड मे टिकट कोलेकर माथापच्ची चली। अब गृहयुद्व थामने के लिये बड़ांे की अग्निपरीक्षा। ऐसे मे सवाल है कि भाजपा का क्या होगा? सत्ताधारी दल के सामने कई प्रकार केसंकट होते…
