सभ्य हैं विधायक, जो दरोगा की इतनी सुन ली!
झांसीः यदि सत्ता का रंग दूसरा होता, तो यकीन मानिये एक दरोगा की हिम्मत नहीं होती कि वो विधायक को आगे बढ़ने से रोक देता। शायद संस्कार और मर्यादाओ को सीमाओ को समझते हुये रवि शर्मा ने तनातनी के बाद भी अपना आपा नहीं खोया और दरोगा को केवल नसीहत देकर छोड़ दिया। यह मामला…
