उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद द्वारा प्रस्तावित आवासीय योजना–4 के अंतर्गत ग्राम कोछाभाँवर , टांकोरी , पिछोर एवं मुस्तरा के किसानों (महिला एवं पुरुष) , प्लाट मालिक , तथा व्यापारियों ने पुनः पदयात्रा गांधी उद्यान से कलेक्ट्रेट तक की तथा इस दौरान उन्होंने जिलाधिकार द्वारा उत्तर प्रदेश आवास परिषद लखनऊ के आयुक्त महोदय को पत्र सोपा तत्पश्चात पुनः धरने पर गांधी उद्यान पर बैठ गए।
सभी काश्तकारों ने इस संबंध में पुनः निवेदन किया है—
समस्त कृषक, व्यापारी एवं श्रमिक वर्ग अपनी भूमि इस योजना हेतु देने को तैयार नहीं हैं तथा पूर्व में अपनी लिखित आपत्तियाँ प्रस्तुत कर चुके हैं।
नियोजन समिति की बैठक में भी सभी ने अपनी जमीन न देने की बात कही है। जिला के सभी प्रतिनिधियों ने भी अपने पत्र प्रशासन को भेजे हैं जिसमें इस क्षेत्र में जमीन न लेने की बात कही है एवं सदर विधायक श्री रवि शर्मा जी ने भी विधानसभा में यह जमीन न लेने की बात रखी है। फिर भी इस योजना को निरस्त होने का कोई भी आधिकारिक तौर पर या लिखित रूप से सूचना नहीं दी जा रही है इसीलिए चारों गांव के काश्तकार धरने पर बैठ गए हैं। काश्तकारों ने बताया कि
उक्त भूमि नगर निगम सीमा एवं Jhansi Development Authority की सीमा में स्थित है तथा पूर्णतः विकसित, उपजाऊ , सिंचित एवं बहुफसली कृषि भूमि है।
काश्तकारों को यह भी ज्ञात हुआ है कि अधिशासी अभियंता श्री डी.वी. यादव द्वारा प्रेषित प्रतिवेदनों में यह दर्शाया गया है कि किसान इस योजना हेतु सहमत हैं, जबकि वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है।
साथ ही जनपद झांसी के अन्य क्षेत्रों में पर्याप्त सरकारी एवं अनुपयोगी भूमि उपलब्ध है, जहाँ अभी विकास नहीं हुआ है तथा कोई आवासीय योजना संचालित नहीं है। यदि उक्त योजना को ऐसे किसी वैकल्पिक क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए तो—
सरकार का अधिग्रहण व्यय कम होगा,
उपजाऊ एवं सिंचित कृषि भूमि सुरक्षित रहेगी,
तथा जनविरोध की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
वर्तमान चुनावी वर्ष में उपजाऊ एवं सिंचित फसली भूमि का अधिग्रहण क्षेत्रीय जनता में गहरी नाराजगी उत्पन्न कर रहा है। जनभावनाओं की उपेक्षा से अनावश्यक सामाजिक असंतोष की स्थिति बन सकती है, जो शासन एवं प्रशासन की छवि के लिए भी हितकारी नहीं होगी। हम सभी माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश के विकास में विश्वास रखते हैं और नहीं चाहते कि किसी भी स्तर पर तथ्यहीन या भ्रामक जानकारी के कारण शासन की छवि प्रभावित हो।
अतः आपसे पुनः करबद्ध निवेदन है कि—
आवासीय योजना-4 को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए अथवा वैकल्पिक सरकारी भूमि पर स्थानांतरित किया जाए।
प्रेषित प्रतिवेदनों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
प्रस्तावित अधिग्रहण से हमारी भूमि को मुक्त किया जाए।
अन्यथा समस्त ग्रामवासी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों की रक्षा हेतु आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
आशा है कि आप कृषक हित एवं जनभावनाओं का सम्मान करते हुए न्यायोचित निर्णय प्रदान करेंगे।
इस दौरान मूलचंद कुशवाहा, एड. विकास यादव, मानवेंद्र सिंह, देवेश कुमार, नावराज, शशिकांत श्रीवास पार्षद कोछाभाँवर , डॉ बी के गुप्ता , चरण सिंह (पुल्ले ), नीरज कुशवाहा, अनिल कुशवाहा, रघुनाथ सिंह मुस्तरा प्रधान ,आजाद टांकोरी प्रधान, अरविंद , राकेश पाल, राजीव,संतोष, मंशाराम, लक्ष्मण सिंह, प्रदीप कु अग्रवाल, मांडवी बौहरे, कुंती, कमला, मीरा, दिव्यांशी, नेहा, निर्मला देवी, उषा देवी, दयावती, पिस्ता, आशा, दीपा, राम मूर्ति , अजवा, किशना राम कुमारी , शहोदरा, कुंदन सिंह बृजनंदन सिंह, कैलाश यादव, यशवंत सिंह, सचेन्दृ यादव, सियाराम, जाहर सिंह, सतीश, सत्येंद्र, आलोक, महीपत, एड. राहुल यादव, मन, ममता, गुड्डन, विजय खरे, जितेंद्र श्रीवास्तव, पुंगन बोहरे, सोनू बोहरे, कल्याण कुशवाहा आदि चारों गांव कोछाभाँवर, मुस्तरा, टांकोरी एवं पिछोर के भू स्वामी मौजूद रहे।
भवदीय
आवास विकास योजना संख्या 4 भूमि बचाओ संघर्ष समिति
झांसी उत्तर प्रदेश
