नई दिल्ली 6 अप्रैलः पिछले कुछ दिनो से राजनैतिक गलियारे मे इस बात की चर्चा रही कि मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग मे कांग्रेस भी शामिल होगी। अब कांग्रेसी नेता खडगे ने साफ कर दिया कि पार्टी के लिये यह मुददा बंद हो चुका है। कांग्रेस महाभियोग का साथ नहीं देगी। सवाल यह है कि आखिर किसके कहने पर कांग्रेस ने यह फैसला लिया?

बताते है कि चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग को लेकर राज्यसभा सांसद अहमद पटेल ने राहुल गांधी को मना किया। उन्होने इस मुददे पर फायदे और नुकसान गिनाये। बीजेपी के पक्ष मे चलने वाली लहर और देश मे कांग्रेस की छवि को लेकर चिंतन किया गया।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अब ये मुद्दा बंद हो गया है, हमने लोकसभा में कभी इस बात को नहीं उठाया. उन्होंने कहा कि हालांकि इस बात को लेकर राज्यसभा में चर्चाएं थीं, लेकिन अब वहां पर भी ऐसा नहीं हो रहा है. हमने लोकसभा में इस तरह की कोशिश नहीं की थी.
गौरतलब है कि ऐसी खबरें थीं कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने करीब 60 सांसदों का समर्थन हासिल कर लिया था, जिसके साथ वे चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी कर रहे थे. इनमें कांग्रेस के अलावा लेफ्ट, सपा, बसपा, एनसीपी जैसी पार्टियां शामिल थी. हालांकि, इस प्रस्ताव की शुरुआत होने के साथ ही ये मुद्दा दब गया.
सूत्रों के मुताबिक पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य अहमद पटेल चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाए जाने के पक्ष में नहीं हैं और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपनी इस राय से अवगत भी करा दिया है.
