कैट व उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल की मांग पर खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए बड़ी राहत

*कैट व उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल की मांग पर खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए बड़ी राहत – ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देने हेतु FSSAIके ऐतिहासिक सुधार, अब लाइसेंस होगा स्थाई, 12 लाख से टर्नओवर की सीमा बढ़ाकर हुई डेढ़ करोड़*!
1 अप्रैल 2026 से नीति होगी लागू !

कन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स(कैट) राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय पटवारी ने बताया कि कैट एवं उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के निरंतर प्रयासों और केंद्र सरकार की ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस नीति के अनुरूप फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया(FSSAI) ने श्री जगत प्रकाश नड्डा जी, माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के मार्गदर्शन में देशभर के खाद्य व्यवसाय में कार्य करने वाले व्यापारियों एवं अन्य वर्गों के लिए अनुपालन बोझ को कम करने तथा व्यवसाय को सुगम बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण नियामकीय सुधारों की घोषणा की है।

सरकार द्वारा घोषित प्रमुख सुधार इस प्रकार हैं:

*1. FSSAI पंजीकरण एवं लाइसेंस की स्थायी वैधता*
अब FSSAI के पंजीकरण और लाइसेंस की वैधता स्थायी (Perpetual) होगी।
पहले खाद्य व्यवसाय संचालकों को समय-समय पर पंजीकरण और लाइसेंस का नवीनीकरण कराना पड़ता था। इस निर्णय से कागजी कार्यवाही, अनुपालन लागत और लाइसेंसिंग अधिकारियों से बार-बार संपर्क की आवश्यकता में काफी कमी आएगी।

*2. पंजीकरण के लिए टर्नओवर सीमा में बड़ी वृद्धि*
FSSAI के बेसिक पंजीकरण के लिए टर्नओवर सीमा ₹12 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी गई है (प्रभावी: 1 अप्रैल 2026 से)।इससे सूक्ष्म और छोटे खाद्य व्यवसायों को बड़ी राहत मिलेगी।

*3. लाइसेंसिंग व्यवस्था का तार्किक पुनर्गठन*
₹50 करोड़ तक के टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए राज्य लाइसेंस आवश्यक होगा।₹50 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए केंद्रीय लाइसेंस लागू होगा।

*4. स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए राहत*
जो स्ट्रीट फूड वेंडर्स नगर निगम या टाउन वेंडिंग कमेटियों के साथ स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण और स्ट्रीट वेंडिंग विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत पंजीकृत हैं, उन्हें FSSAI में स्वतः पंजीकृत (Deemed Registered) माना जाएगा।

*5. जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली*
अब एक प्रौद्योगिकी आधारित जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली लागू की जाएगी। निरीक्षण निम्न आधारों पर किया जाएगा:
• खाद्य उत्पाद की प्रकृति
• पूर्व अनुपालन रिकॉर्ड
• तृतीय-पक्ष ऑडिट प्रदर्शन
• निगरानी एवं प्रवर्तन से प्राप्त जानकारी

इससे नियमों का पालन करने वाले व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलेगा और अनावश्यक निरीक्षण कम होंगे।

कैट व उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल का मानना है कि ये सुधार व्यापार-अनुकूल नियामकीय वातावरण बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हैं, जो उपभोक्ताओं के लिए उच्च खाद्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करते हुए व्यापारियों को राहत प्रदान करेंगे।
*खाद्य व्यवसाय से जुड़े सभी व्यापारियों से अनुरोध है कि वे इन सुधारों का संज्ञान लें और अपने व्यवसाय चलाने को इसके अनुरूप व्यवस्थित करें।*

भवदीय

*संजय पटवारी*

प्रदेश अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैट

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