कोंच। होमगार्ड्स की कोंच कंपनी ने ड्यूटी आवंटन में जिला कमांडेंट पर उनके साथ सौतेला वर्ताव करने का सीधा आरोप जड़ते हुये कहा है कि जिले में कुल तेरह कंपनियां हैं जिनमें से बारह कंपनियों को अस्सी से नब्बे फीसदी तक ड्यूटी दी जाती है जबकि कोंच की कंपनी को मात्र अड़तालीस से पचास फीसदी तक ही ड्यूटी दी जाती है जो एक तरह से कोंच कंपनी के होमगार्ड्स का शोषण है।
कोंच के तहसील परिसर में रविवार को होमगार्ड्स की एक बैठक संपन्न हुई जिसमें उनकी कंपनी को कम ड्यूटी दिये जाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। बैठक के बाद होमगार्ड समादिष्ट लखनऊ को मेल से मांगपत्र भेजा गया जिसमें उन्होंने कहा है कि जिले में तेरह होमगार्ड कंपनियां कार्यरत हैं जिनमें से बारह कंपनियों के खाते में अस्सी से नब्बे फीसदी तक ड्यूटियां आ रहीं हैं जबकि कोंच की तेरहवीं कंपनी के खाते में महज अड़तालीस से पचास फीसदी ही ड्यूटी दी जा रहीं हैं जिससे यहां के होमगार्ड्स में गुस्सा है। जनवरी 2018 से यूपी में 25 हजार ड्यूटी बढाई गईं हैं और जिले में कुल 750 ड्यूटी प्रतिस्थापित होती हैं। जिला कमांडेंट द्वारा तीन विंदुओं पर फॉर्म भरवा कर 21 अगस्त को जमा करा लिये गये थे लेकिन लिपिक ने उन्हें अग्रसारित ही नहीं किया। लिपिक की बजह से यहां के लोगों को दो माह रुक कर ड्यूटी दी जा रही है, अर्थात् कोंच को सिर्फ 48 फीसदी ही ड्यूटी दी जा रही है। उन्होंने इस स्थिति को शोषण की संज्ञा देते हुये न्याय मांगा है। इस दौरान माताप्रसाद, हरीप्रकाश, घनश्याम तिवारी, श्यामसुंदर, दीपककुमार, अशफाक उल्ला, बरकतअली, वीरसिंह, अमीनखां, परमलाल, नितिनकुमार, कमलेश राठौर, पुरुषोत्तमदास आदि मौजूद रहे।
