कोंच: भागवत श्रवण से मन सुस्थिर होकर धर्म अर्थ काम और मोक्ष की प्राप्ति की ओर अग्रसर होता हैै-पं. मनोज

*पीडी रिछारिया, हरिश्चंद्र तिवारी, राहुल राठौर*

*कोंच (जालौन)।* यहां तिलक नगर स्थित न्यू पुष्पा गार्डन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को कथा व्यास पं. मनोज चतुर्वेदी ने परमात्मा के विभिन्न अवतारों की कथाएं सुना कर श्रोता समुदाय को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने भागवत कथा को भगवान का शब्दात्मक श्रीविग्रह बताते हुए कहा, इसके श्रवण मात्र से अशांत मन सुस्थिर होकर धर्म अर्थ काम और मोक्ष की समुचित प्राप्ति की ओर अग्रसर होता है।
कथा प्रवाह को आगे बढाते हुए कथा व्यास ने कहा कि कथा श्रवण से प्राणीमात्र के सभी पापों का शमन हो जाता है और वह दत्तचित्त होकर भगवान में रम जाता है। उन्होंने परमात्मा के समय समय पर लिए गए विभिन्न अवतारों अस्तु मत्यावतार, वाराह अवतार, नृसिंह अवतार, वामन अवतार, कपिल अवतार, नर नारायण अवतार, परशुराम अवतार आदि की कथाएं सुना कर श्रोताओं को मुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि प्राणिमात्र को केवल परमात्मा पर ही विश्वास करना चाहिए, सांसारिक बंधन तो स्वार्थपूर्ण होते हैं। उन्होंने राम और कृष्ण अवतार का हेतु बताते हुए कहा कि अधर्म के नाश के लिए ही भगवान बार बार इस धरा धाम पर प्रकट होते हैं। उन्होंने बताया, भगवान श्री हरि का कंस के कारागार में वसुदेव और देवकी के यहां कृष्ण के रूप में प्रकट्य हुआ। वसुदेव ने रातोंरात बाल कृष्ण को गोकुल में नंद के यहां पहुंचा दिया। कृष्णावतरण पर नंदोत्सव मनाया गया। खूब गोले दागे गए। अंत में कथा परीक्षित श्रीमती पुष्पा विनोद कुमार ने भागवतजी की आरती उतारी, प्रसाद वितरित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *