नई दिल्ली 3 फरवरीः मुस्लिम लड़की से प्यार करने की सजा क्या मौत है? यह सवाल 23 साल के नौजवान अंकित की मौत को लेकर उठ रहा है। कटटरता और प्यार के बीच फंसे इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर बहस हो रही है।
अंकित की मौत बेहद दर्दनाक तरीके से हुयी। उसका गला रेता गया। जिस इलाके मे वारदात हुयी वहां मौजूद दुकानदारो का कहना था कि बीच बचाव के बाद कब चाकू से अंकित का गला रेत दिया गया, यह किसी को पता नहीं चला।
सोशल मीडिया पर सुबह से ही ये कहा जा रहा है कि हिंदू होने की वजह से अंकित की इतनी बेरहमी से हत्या की गई. इस खबर को लेकर सोशल मीडिया पर नफरत की आंधी चल रही है. इस नफरत को दिल्ली से बीजेपी के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने हवा दी है.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि दिल्ली में जो हुआ उसका सच ये है कि 23 साल के अंकित को ऑनर किलिंग के नाम पर अल्पसंख्यक लोगों ने मार डाला. अंकित एक मुस्लिम लड़की से प्यार करता था जिसने ये कबूल किया है कि उसके परिवार ने ही ये हत्या की है. सिरसा ने एक के बाद एक आधा दर्जन से ज्यादा ट्वीट और रीट्वीट इस मामले को लेकर किये हैं.

इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है. अंकित जिस लड़की से प्यार करता था उसका भी कहना है कि परिवार शादी के खिलाफ था.
फिलहाल तनाव को देखते हुए इलाके में सीआरपीएफ की तीन कंपनियां तैनात की गई है. पुलिस ने हत्या के आरोप में सलीमा के परिवार के चार लोगों को गिरफ्तार किया है. सोशल मीडिया पर हंगामे की वजह पर अंकित मर्डर केस में सिविल सोसायटी भी खामोश है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि लड़का हिंदू था इसलिए प्रभुत्व वर्ग खामोश है. वरना वो अखलाक और जुनैद के कत्ल की तरह इस बार भी आसमान सिर पर उठा लेता.
