झाँसी। राजनेताओं में विकास की सोच को लेकर अक्सर सवाल खड़े किए जाते हैं। कहा जाता है कि राजनेता कुर्सी पाने के बाद खुद के विकास को लेकर ज्यादा गंभीर हो जाते हैं ।।हालांकि यह बात सभी जनप्रतिनिधियों पर लागू नहीं होती है ।
कुछ लोग राजनीति में नजीर बनते हैं और ऐसे लोगों की सफलता का एक ही आधार होता है , जिसमें वह कर्म पथ पर हमेशा विकास के नए आइडिया की तलाश करते नजर आते हैं।
जी हां यह सच है कि बुंदेली माटी में दूरगामी सोच वाले नेताओं की कमी नहीं है ।नगर के प्रथम नागरिक और महापौर रामतीर्थ सिंघल इस नजीर की एक कड़ी हैं ।महापौर पद पर आसीन होने के बाद रामतीर्थ सिंघल ने पिछले कुछ सालों में नगर के विकास को लेकर जो सोच प्रदर्शित की है , वह धरातल पर लागू होने के बाद स्थानीय जनता को लाभान्वित करती नजर आ रही है ।
शहर के कई हिस्सों में सड़कों की स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर हुई है और स्मार्ट सिटी बन चुकी झांसी स्मार्ट शहर के हालात दिखाती नजर आ रही है।। बात चाहे बीकेडी से चित्र चौराहा की हो, इलाहाबाद बैंक चौराहे से स्टेशन रोड जाने वाले मार्ग की, सदर बाजार, बस स्टैंड, ग्वालियर रोड आदि ऐसे मार्ग हैं , जो इन दिनों वाहनों को फराटे दार दौड़ने के लिए तैयार नजर आते हैं ।
दिन और रात में इन मार्गों की सुंदरता चहल कदमी करने को मजबूर कर देती है । नगर के पार्क महापौर के पहल के बाद सुंदरीकरण से लेकर नवीनीकरण की परिधि में आए हैं और नए पार्कों का निर्माण भी शुरू हुआ है ।
अपने कर्म में शिथिलता ना आने देने और नए रास्ते तलाशने के लिए महापौर रामतीर्थ सिंघल हर वक्त दिमाग को एक्टिव रखते हैं।। बीते दिनों वह रात 10:00 बजे अचानक नगर में बने पार्को की हालत देखने के लिए निकल पड़े । किला रोड पर बन रहे वृंदावन लाल पार्क में महापौर पहुंचे तो उनका मन पाक की भव्यता और बनावट देखने के बाद कई नए आइडिया से भर गया।
एक पहाड़ी पर जब उन्होंने अपने कदम रखे तो ख्याल आया कि क्यों ना यहां पर शिलालेख अंकित कराया जाए ।यह दर्शनीय होगा और लोग इसकी महत्ता को देख सकेंगे । महापौर को केवल इस पार्क में ही नए आइडिया नहीं आए हैं वो सार्वजनिक समारोहों में भी लोगों से नए आइडिया देने की गुहार लगा रहे हैं ।
वह चाहते हैं कि नगर में बच्चों के खेलने के लिए स्टेडियम, संगोष्ठी के लिए सभागार, नए पार्क बाजारों का सुंदरीकरण फुटपाथ ओं का निर्माण आदि बहुत तेजी से हो और इसके लिए वह नए आइडिया तलाश रहे हैं, जिनके मिलने पर वह उन्हें धरातल पर उतारने का सिलसिला वह शुरू कर देते हैं।
