लखनऊ 4 जून कनक चुनाव में गठबंधन की सरकार से सत्ता पर काबिज हुई कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में सत्ता की चाबी अपने हाथ में लेने के लिए कुछ दलो लो का सहारा लेना शुरू कर दिया है ।इसमें सबसे प्रमुख बसपा और सपा है ।कांग्रेस की नजर मध्य प्रदेश के लिए बुंदेलखंड पर जा टिकी है । उसने सपा और बसपा का अहम साझीदार बनाने का तैयारियां पूरी कर ली है।
मध्य प्रदेश चुनाव के लिए बुंदेलखंड अहम है ।उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के जिलों को मिलाकर बनने वाले इस बुंदेलखंड में सपा और बसपा की खासी पकड़ है ।कई इलाकों में बसपा मजबूत है तो कई इलाकों में सपा । ऐसे में कांग्रेस की नजर दोनों ही दलों पर है जो अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी अहमियत रखते हैं ।
बुंदेलखंड के अधिकांश इलाकों में , खासतौर से ग्रामीण इलाके शामिल है वहां बसपा और सपा कांग्रेस के अपेक्षा अधिक मजबूत हैं ऐसे में कांग्रेस का मानना है कि मध्यप्रदेश के चुनाव में दोनों को अपने साथ जोड़ कर सत्ता हासिल की जा सकती है इसके लिए सीटों का बंटवारा भी किया जा रहा है । सपा 7 तो बसपा को 10 सीट देने का प्रस्ताव है। बसपा कम से कम 30 सीट मांग रही है।
कांग्रेस के मिशन बुंदेलखंड में बुंदेलखंड के कद्दावर नेता प्रदीप जैन आदित्य की अहम भूमिका होगी
।सूत्र बताते हैं कि प्रदीप जैन को बुंदेलखंड का दौरा करने के लिए कहा गया है यही कारण है कि वह बुंदेलखंड के अधिकांश इलाकों में भ्रमण कर लोगों को कांग्रेस से जुड़ने के साथ ही अन्य दलों से भी बातचीत करने की पहल कर रहे हैं ।
कांग्रेस ने अपने कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी यह जिम्मेदारी दी है की वो बुंदेलखंड में सपा के नेताओं से बात करें हालांकि कांग्रेस सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत ऊपर लेवल पर हो रही है और माना जा रहा है कि बातचीत अंतिम दौर में है।
यदि दोनों दलों से सौदा तय हो जाता है कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश का चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ेगी।
