झांसी के लिये उमा से बेहतर साबित हो रहे हैं योगी?

झांसीः उमा भारती से तो अच्छे योगी आदित्यनाथ हैं। वे कम से कम झांसी के विकास के विकास के बारे मे सोच तो रहे हैं। सांसद बनने के बाद उमा भारती, तो क्षेत्र से लापता रहती हैं। जबकि मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ कई बार झांसी का दौरा कर चुके हैं। यह बाते इन दिनो झांसी की जनता के मुंह से सुनी जा सकती हैं। स्थानीय सांसद उमा भारती को लेकर जनता के गुस्से की कहानी बयां करने वाले घटनाक्रम मे आने वाले आम चुनाव की झलक देखने को मिलती है।



आपको बता दे कि 17 सितम्बर को योगी आदित्यनाथ झांसी दौरे पर आ रहे हैं। उनके दौरे की तैयारियां तेज हैं। जीआईसी मैदान मे होने वाली रैली को लेकर प्रशासन और भाजपाई दिनरात एक किये हुये हैं।
प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ का झांसी दौरा अब स्थानीय सांसद उमा भारती के कार्यकाल और उनकी कार्यशैली से जोडकर देख जाने लगा है।
पृथक बुन्देलखण्ड की राज्य की मांग को लेकर बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा के भानू सहाय सहित अन्य संगठनो के निशाने पर रहने वाली उमा भारती को लेकर स्थानीय जनता भी तंज कसने की स्थिति मे आ गयी है।



प्रदेश व केन्द्र मे भाजपा की सरकार होने के बाद भी झांसी विकास के पथ पर उतनी तेजी से नहीं दौड पाया है। उमा के सांसद और फिर मंत्री बनने के बाद उम्मीद जगी थी कि यहां विकास तेजी से होगा और झांसी स्मार्ट सिटी की लिस्ट मे सबसे उपरी पायदान पर होगी।
उमा भारती ने स्थानीय स्तर पर कोई भी समस्या को हल नहीं किया। चाहे वो लक्ष्मीताल का मामला हो या फिर आंतिया ताल का। ऐतिहासिक धरोहरो को पर्यटन के लायक बनाने को लेकर भी कोई पहल नहीं की।
उमा भारती का झांसी आगमन केवल समारोह तक सीमित होकर रह गया है। आम जनता से मुलाकात करने का दावा करने वाली उमा भारती का ओम शांति नगर मे निवास आज भी जनता की भीड़ की बाट जोह रहा है। यहां प्रतिनधि के रूप मे बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा बैठे हैं।
व्यापारिक, सामाजिक और राजनैतिक नजरिये से योजनाओ को जमीन पर उतारने की कोशिश नही होने से उमा के खिलाफ जनता मे नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस नाराजगी मे यह खबर आग मे घी डालने का काम करती है कि उमा दोबारा झासी से चुनाव नहीं लड़ेगी। इस खबर का उमा की ओर से आज तक खंडन नहीं किया गया।
योगी आदित्यनाथ के बुन्देलखण्ड को लेकर नजरिये ने जनता मे उनकी छवि और बेहतर बना दी है। मामला चाहे कारिडोर का हो या फिर कृषि का। 17 को योगी जनता को विकास का जो खाका दिखाएंगे, निश्चित ही वो जनता को राहत देगा।

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